PNBCG NEWS तिल्दा नेवरा रायपुर एडिटर चीफ पवन बघेल
शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर बलौदाबाजार जिले के लिए यह वर्ष विशेष उपलब्धियों से भरा रहा। जिले के दो समर्पित और प्रेरणादायी शिक्षकों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए “राज्यपाल शिक्षक सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें आज 5 सितंबर को राजभवन रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
राज्य स्तरीय चयन में बलौदाबाजार के दो प्रतिनिधि
शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए राज्यभर से कुल 64 शिक्षकों का चयन राज्यपाल शिक्षक सम्मान के लिए किया गया है। इस सूची में बलौदाबाजार जिले के दो शिक्षकों ने अपना स्थान बनाकर जिले का नाम रौशन किया है:

एल.बी. जगदीश साहू, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला डमरू, बलौदाबाजार ब्लॉक

मोहनलाल वर्मा, शिक्षक, मिडिल स्कूल शिमला, कसडोल ब्लॉक
दोनों शिक्षकों की कड़ी मेहनत, समर्पण, और शिक्षण क्षेत्र में नवाचार की भावना ने उन्हें यह सम्मान दिलाया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
एल.बी. जगदीश साहू और मोहनलाल वर्मा ने न केवल विद्यार्थियों के अंदर अध्ययन के प्रति रुचि जागृत की है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को भी निरंतर बढ़ावा दिया है।
इनके द्वारा अपनाई गई नई शिक्षण विधियाँ, रचनात्मक परियोजनाएँ, और छात्र-केंद्रित गतिविधियाँ शिक्षा को न केवल रोचक बनाती हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सोचने, समझने और सृजन करने की क्षमता को भी विकसित करती हैं।
इनका यह प्रयास केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इनकी शिक्षण शैली ने समाज में भी एक सकारात्मक संदेश दिया है कि शिक्षक यदि ठान लें, तो शिक्षा को समाज के हर कोने तक पहुँचाया जा सकता है।
सम्मान समारोह: एक भव्य आयोजन
राज्यपाल शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन 5 सितंबर 2025 को राजभवन रायपुर में सुबह 11 बजे किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका ने चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता कर शिक्षकों को प्रेरणादायी संबोधन दिया।
इससे एक दिन पूर्व 4 सितंबर को सभी चयनित शिक्षकों के लिए पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया था।
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जिले के लिए गर्व का क्षण
बलौदाबाजार जिले के लिए यह सम्मान एक गर्व का विषय है। यह न केवल इन शिक्षकों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक सहयोग और सामुदायिक सहभागिता का भी प्रमाण है।
इन शिक्षकों की सफलता भावी पीढ़ियों और अन्य शिक्षकों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगी, जो यह दर्शाती है कि समर्पण, नवाचार और निष्ठा के साथ कार्य करने पर किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
समाज की प्रतिक्रिया
इस सम्मान की खबर मिलते ही जिलेभर में हर्ष और उत्साह का माहौल है। शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
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निष्कर्ष
शिक्षक केवल ज्ञान के वाहक नहीं, बल्कि समाज के निर्माता होते हैं। बलौदाबाजार के इन दो शिक्षकों ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि एक अच्छा शिक्षक सिर्फ पढ़ाता नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ता है। राज्यपाल शिक्षक सम्मान 2025 में इनकी भागीदारी जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।
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Editor in Chief
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