छत्तीसगढ़ फ़िल्म जगत को पहली बार विश्व रिकार्ड की उपलब्धि

फिल्मी दुनिया

PNBCG NEWS तिल्दा नेवरा एडिटर चीफ पवन बघेल


बलौदाबाज़ार से ऐतिहासिक खबर

छत्तीसगढ़ के फ़िल्मी इतिहास में पहली बार एक डॉक्यूमेंट्री ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर नया अध्याय जोड़ दिया है। बलौदाबाज़ार जिला ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष समारोह में ‘छत्तीसगढ़ के भीम – चिंताराम’ डॉक्यूमेंट्री को वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक ऑफ़ इंडिया में दर्ज किया गया।

यह कीर्तिमान “हाइएस्ट नम्बर ऑफ इंडिविजुअल इंटरव्यूज़ फीचर्ड इन अ बायोग्राफिकल डॉक्यूमेंट्री” श्रेणी में बना है। फ़िल्म में कुल 245 लोगों के साक्षात्कार शामिल किए गए हैं, जो किसी जीवनी-आधारित डॉक्यूमेंट्री के लिए अब तक की अनूठी उपलब्धि है।

इस अवसर पर फ़िल्म के निर्देशक एस अंशु धुरंधर को छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने सम्मानित किया।

चिंताराम टिकरिहा : छत्तीसगढ़ के भीम

  • जन्म : 1880, ग्राम बुड़गहन (जिला बलौदाबाज़ार)
  • जीवनकाल : 102 वर्ष (1880–1982)
  • विशेषता : लगभग 900 एकड़ भूमि होने के बावजूद पूरा जीवन समाजसेवा और परोपकार को समर्पित।
  • योगदान :
    • विद्यालय हेतु भूमि दान
    • तुरतुरिया मंदिर का जीर्णोद्धार
    • सड़क निर्माण हेतु भूमि दान
    • असंख्य ज़रूरतमंदों को रोज़गार व आर्थिक सहयोग
    • विवाह, दशगात्र जैसे सामाजिक आयोजनों का खर्च स्वयं उठाना

उनकी अद्भुत शारीरिक शक्ति और लोकहितकारी जीवन के कारण ही उन्हें लोग “छत्तीसगढ़ का भीम” कहकर पुकारते थे।

निर्देशक की मेहनत

निर्देशक अंशु धुरंधर ने लगभग 9 वर्षों तक शोध कर इस डॉक्यूमेंट्री को तैयार किया। यह फ़िल्म पहले ही रायपुर आर्ट फ़िल्म फ़ेस्टिवल में विशेष स्क्रीनिंग पा चुकी है। अब विश्व रिकॉर्ड हासिल कर यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का प्रतीक बन गई है।

मंत्री टंकराम वर्मा का वक्तव्य

“ऐसी फ़िल्में नई पीढ़ी को अपने क्षेत्र के गौरव, परोपकार और संस्कारों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान की बात है।”


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