बलौदाबाजार। जिले में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है। जलस्तर में लगातार गिरावट और तालाबों के सूखने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता एवं समन्वयक संघ के प्रांताध्यक्ष विक्रम राय ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है।
विक्रम राय ने कहा कि जिले के अधिकांश तालाब सूख चुके हैं या सूखने की कगार पर हैं। वहीं कई गांवों में बोरवेल भी जवाब देने लगे हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गंगरेल बांध से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जाए, ताकि नहरों के माध्यम से तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी पहुंच सके। इससे न केवल जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जा सकेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा।

विक्रम राय ने यह भी कहा कि पानी की कमी का असर अब कृषि और पशुपालन पर भी पड़ने लगा है। कई गांवों में पशुओं को पानी पिलाने तक की समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और विकराल रूप ले सकती है।
उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से अपील करते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को राहत मिल सके।
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Editor in Chief
PNBCGNews.in
