तिल्दा नेवरा के समीप ग्राम छतौद में धान खरीदी को लेकर किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें आधा-अधूरा टोकन दिया जा रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में धान की बिक्री नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, जिन किसानों के पास 10 एकड़ भूमि है, उन्हें दो बार में टोकन काटना होता है, लेकिन विभाग द्वारा दोनों बार कम मात्रा का टोकन जारी कर दिया गया है। इसके कारण लगभग 63 क्विंटल धान का टोकन रुक गया है। ऐसे में किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि अब वे अपना धान कैसे बेचेंगे।

स्थिति यह है कि अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। इससे नाराज होकर आज करीब 42 किसान धान खरीदी केंद्र के दरवाजे पर बैठकर धरना देने को मजबूर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी शहर अध्यक्ष अजितेश शर्मा,बलदाऊ साहू औऱ बहुत से कार्यकर्त्ता भी धरने पर बैठे है और उन्होंने कहा कि

“सरकार किसानों के हक को छीनने का काम कर रही है। किसानों का धान नहीं खरीदना सरासर गलत है।”
वहीं जोहार छत्तीसगढ़ संगठन सेअजय वर्मा, तेजराम देवांगन सहित कार्यकर्त्ता ने भी किसानों के समर्थन में मोर्चा संभालते हुए कहा कि
“जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत छोटे किसानों को हो रही है। टोकन के लिए सुबह से लाइन में खड़ा होना पड़ता है।”
जोहार छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया कि
“हम हमेशा छत्तीसगढ़िया किसानों के हित में लड़ते आए हैं और लड़ते रहेंगे। जब तक किसानों का धान नहीं बिकेगा, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे।”
फिलहाल धान खरीदी केंद्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और किसान प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
PNBCG NEWS तिल्दा नेवरा से पवन बघेल

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