आदि पर्व 2026: भिलाई की तीन बेटियों ने ट्राइबल परिधान में रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज नाम

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समाज की बेटियों ने पारंपरिक वेशभूषा में पेश की छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति
लोकेशन: नारायणपुर / नवा रायपुर (छत्तीसगढ़)


आदि पर्व 2026 के अवसर पर नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 और 14 मार्च को आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत की अनूठी झलक देखने को मिली। इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समुदायों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और गीतों के माध्यम से अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया।


इसी दौरान भिलाई की तीन बेटियों ने इतिहास रचते हुए अपना नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया। कंडरा समाज से जुड़ी प्रतिभागी अन्नपूर्णा छेदाइयां, विनीता छेदाइयां और रितु छेदाइयां ने पारंपरिक ट्राइबल परिधान में मंच पर अपनी संस्कृति को गर्व के साथ प्रस्तुत किया।


इनकी पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। “ट्राइबल अटायर शो” के तहत एक ही मंच पर विभिन्न जनजातीय संस्कृतियों की प्रस्तुति दी गई, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।


यह उपलब्धि न केवल भिलाई बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की जनजातीय संस्कृति राष्ट्रीय स्तर पर गूंजती नजर आई और देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।


मुख्य बिंदु:


आदि पर्व 2026 में जनजातीय संस्कृति की भव्य प्रस्तुति
कंडरा समाज की तीन बेटियों ने बनाया रिकॉर्ड
ट्राइबल अटायर शो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल
छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिला राष्ट्रीय मंच

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