तिल्दा-नेवरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुल मशरूका 4.04 लाख रुपये

तिल्दा-नेवरा/रायपुर ग्रामीण, 17 फरवरी 2026।
रायपुर पुलिस (ग्रामीण) द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत थाना तिल्दा-नेवरा पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 02 किलो 250 ग्राम गांजा, 480 नग प्रतिबंधित नशीली टैबलेट (नाइट्रोसन), 01 आईफोन, तथा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है।
पुलिस के अनुसार जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत 4,04,500 रुपये बताई गई है।
सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (CG 04 PC 3397) में एक युवक काले रंग का बैग लेकर सासाहोली से अंडरब्रिज होते हुए तिल्दा की ओर बिक्री हेतु गांजा और प्रतिबंधित टैबलेट लेकर आ रहा है।
सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम हर्ष सोनी निवासी वार्ड क्रमांक 22, तिल्दा बताया।
बैग की तलाशी में गांजा और प्रतिबंधित टैबलेट बरामद हुई। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह यह सामग्री बिक्री हेतु ग्राहक तलाशने ले जा रहा था।
एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ अपराध
आरोपी के विरुद्ध थाना तिल्दा-नेवरा में
अपराध क्रमांक 71/26
धारा 20(बी), 22(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
हर्ष सोनी पिता मोंटू उर्फ मन्टू सोनी, उम्र 20 वर्ष
निवासी – वार्ड क्रमांक 22, तिल्दा बस्ती
थाना – तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर (ग्रामीण)
अब बड़ा सवाल: तिल्दा में सट्टा बाजार पर पुलिस चुप क्यों?
जहां एक ओर तिल्दा-नेवरा पुलिस नशे के मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर नगर में सट्टा बाजार खुलेआम चलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
नगर के आम नागरिकों का कहना है कि तिल्दा ब्लॉक के कई चिन्हित स्थानों पर सट्टा बाजार जोरों पर है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।
सूत्रों के अनुसार प्रमुख जगहें

तिल्दा ओवरब्रिज के नीचे
तिल्दा के 3-4 वार्डों में लगातार सट्टा संचालन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सट्टे को लेकर कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, फिर भी पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
जनता की मांग
अब नगरवासियों की सीधी मांग है कि—
सट्टा बाजार पर कब होगी ठोस कार्रवाई?
क्या पुलिस पर राजनीतिक दबाव है?
या फिर सिर्फ खाना-पूर्ति वाली कार्रवाई कर मामला टाला जा रहा है?
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Editor in Chief
PNBCGNews.in
