PNBCG News संवाददाता पवन बघेल नेवरा तिल्दा
तिल्दा नेवरा: “छत्तीसगढ़ का पहला हरेली तिहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान परंपरागत खेलों के साथ ग्रामीण बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूली बच्चों ने परंपरात खेलों के आयोजन में भाग लिया और इसे लेकर वे उत्साहित दिखाई दिए। साथ ही गेड़ी चढ़कर बच्चे काफी खुश नजर आए” किसानों ने खेती-किसानी में काम आने वाले औजारों और गाय-बैल की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने गुड़-रोटी सहित अनेक परंपरागत व्यंजन बनाकर हरेली तिहार में मिठास घोल दी। छत्तीसगढ़ राज्य में हरेली महोत्सव किसानों का महत्वपूर्ण त्योहार है। हरेली शब्द हिंदी शब्द हरियाली से उत्पन्ना हुआ है और इसका मतलब है कि वनस्पति या हरियाली। यह त्योहार हिंदू कैलेंडर के सावन श्रावणी अमावस्या महीने के अमावस्या के दिन मनाया गया । जो जुलाई और अगस्त के बीच वर्षा ऋतु में होता है। यह त्योहार श्रावण के महीने के प्रारंभ को दर्शाता है जो कि हिंदुओं का पवित्र महीना है। यह त्योहार पूरे दिन मनाया जाता है और किसी को भी कोई काम करने की अनुमति नहीं है। खेतों से संबंधित उपकरण और गायों की इस शुभ दिन पर किसान पूजा करते हैं ताकि पूरे वर्ष अच्छी फसल सुनिश्चित हो सके। घरों के प्रवेश द्वार नीम के पेड़ की शाखाओं से सजाए । भादो म भदेरी, अउ मिलथे सुघ्घर करेला ।सावन म पतेरी अउ मिलथे सुघ्घर करेली ।।छ.ग. के पारंपरिक परब, बधाई हो आप सब ल हरेली

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