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तिल्दा नेवरा। विकास मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड में कार्यरत एक युवक की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गुलाब वर्मा के रूप में हुई है, जो पिछले 4 वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार गुलाब वर्मा सुबह 2 बजे से 10 बजे तक ड्यूटी पर थे, इसी दौरान अचानक उन्हें उल्टी हुई, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें ओम हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स रेफर किया, लेकिन एम्स ले जाते समय आधे रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
उल्टी का वास्तविक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना कंपनी से निकलने वाले केमिकल के संपर्क में आने से हुई हो सकती है, जबकि अन्य संभावित कारणों से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, हालांकि रिपोर्ट आना अभी बाकी है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

मृतक का परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति में है। बताया गया कि उनके पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ, मां बुजुर्ग हैं, साथ ही दादी-दादा, पत्नी और बहन भी उन्हीं पर आश्रित थे। परिवार की केवल एक ही मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
परिजनों और संगठन के सदस्यों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न तो मजदूरों को सुरक्षा मास्क, दस्ताने, जूते उपलब्ध कराए जाते हैं और न ही केमिकल से बचाव की समुचित व्यवस्था है। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन अपनी मनमानी कर रहा है, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में पड़ रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर जनपद सदस्य एवं सभापति शैल महेंद्र साहू, भारती योंगेंद्र बघेल (सरपंच, नकटी(खपरी), सुमित ठाकुर (सरपंच, बारतोरी), लोकेश कश्यप (सरपंच, शिल्पाट्टी) सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। इसके साथ ही जोहार छत्तीसगढ़ संगठन के सभी सदस्य मौके पर डटे हुए हैं और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
जोहार छत्तीसगढ़ संगठन का कहना है कि छत्तीसगढ़िया मजदूर लंबे समय से शोषण का शिकार होता आ रहा है। वे धूल-मिट्टी और खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं, लेकिन हादसे की स्थिति में उन्हें समुचित मुआवजा नहीं मिल पाता। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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Editor in Chief
PNBCGNews.in
