छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के घायलों को मिलेगी राहत: अब 7 दिन तक हर अस्पताल में मिलेगा कैशलेस इलाज, जानें योजना की पूरी जानकारी

चिकित्सा

स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत इलाज मिलेगा, 1.5 लाख रुपये तक का नगदी रहित उपचार राज्य और बाहर के 195 अस्पतालों में अनिवार्य

संवाददाता पवन बघेल तिल्दा  नेवरा

रायपुर : सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को दुर्घटना के तुरंत बाद पहले 7 दिनों तक हर अधिकृत अस्पताल में नगदी रहित (कैशलेस) इलाज मिलना अनिवार्य होगा। यह फैसला हाल ही में भारत सरकार द्वारा जारी ‘कैशलेस उपचार स्कीम 2025’ के तहत लागू किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह योजना छत्तीसगढ़ के भीतर 134 अधिकृत अस्पतालों और राज्य के बाहर के 61 अस्पतालों में लागू होगी। यानी अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य राज्य में प्रवास के दौरान दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो वहां भी उसे इसी योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को तुरंत इलाज मिलेगा

इस नई योजना का उद्देश्य है कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए पैसे की चिंता किए बिना तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। कई बार देखा गया है कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा दिया जाता है, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले पैसों की मांग की जाती है। ऐसे हालात में कई बार जीवन बचाना मुश्किल हो जाता है।

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अब इस स्कीम के तहत दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक का इलाज 1.5 लाख रुपये तक नगदी रहित किया जाएगा, जिससे अस्पताल बिना किसी भुगतान के इलाज शुरू कर सकेंगे।

पूरे देश में मान्य होगा यह कैशलेस ट्रीटमेंट सिस्टम

छत्तीसगढ़ की इस नई नीति का दायरा केवल राज्य तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार की अधिसूचना के तहत यह सुविधा देशभर के चयनित अस्पतालों में उपलब्ध होगी। यानी राज्य से बाहर जाने वाले नागरिक भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक ऑल इंडिया कैशलेस एक्सीडेंट ट्रीटमेंट स्कीम बन जाती है।

आदेश सभी जिलों को जारी

राज्य पुलिस मुख्यालय (PHQ) में गठित सड़क सुरक्षा के लिए अंतरविभागीय लीड एजेंसी ने इस आदेश को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को भेज दिया है। यह आदेश 5 मई को भारत सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशित कैशलेस उपचार स्कीम 2025 के हवाले से जारी किया गया है।

योजना के मुख्य बिंदु:

दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक का इलाज कैशलेस होगा।

अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की चिकित्सा राशि कवर की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के 134 और अन्य राज्यों के 61 अधिकृत अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध।

मरीज को तुरंत इलाज मिलेगा, भुगतान की जरूरत नहीं।

यह सुविधा हर नागरिक के लिए स्वतः लागू होगी – अलग से पंजीकरण की आवश्यकता नहीं।

महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है। इस योजना से न सिर्फ आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। यदि इस तरह की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो यह सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।

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