PNBCG News संवाददाता पवन बघेल नेवरा – तिल्दा
बैकुंठ स्थित अल्ट्रत्येक सीमेंट प्लांट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद, प्लांट प्रबंधन और लॉजिस्टिक हेड सोमदत्त कटवार की चुप्पी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
बीती रात हवाई पट्टी के पास एक ट्रेलर ने एक वाहन को टक्कर मारते हुए गांव बहेसर तक घसीटा। इससे पहले, रविवार को एक ट्रक ने एक बाइक सवार को टक्कर मारी, जिससे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद, न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल भारी वाहनों का ही नहीं, बल्कि स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही का भी मुख्य मार्ग है। कुंदरू, बैकुंठ, किरना, जलसो, नीनवा जैसे कई गांवों के लोग इस रास्ते पर निर्भर हैं।
लगातार हो रहे हादसों से अब ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो वे संयुक्त आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रश्न यह है कि क्या अल्ट्राटेक प्रबंधन किसी और जानलेवा हादसे के बाद ही जागेगा?
हमारी माँगें:
ट्रेलरों की गति पर नियंत्रण और समयबद्ध आवाजाही
आम रास्ते और भारी वाहन मार्गों को अलग किया जाए
सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और CCTV निगरानी
हादसों पर जवाबदेही तय की जाए और पीड़ितों को मुआवज़ा दिया जाए
यह समय है कि अल्ट्राटेक बैकुंठ का प्रबंधन नींद से जागे और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।

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