सतनामी समाज की सेवा परंपरा का जीवंत उदाहरण: गिरौदपुरी धाम जाने वालों के लिए निःशुल्क भंडारा एवं ठहरने की व्यवस्था

धार्मिक

हथबंद/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के पावन गिरौदपुरी धाम में आयोजित मेले में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा हेतु हथबंद परिक्षेत्र सतनामी समाज द्वारा निःशुल्क भोजन भंडारा एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। यह सेवा कार्य पूज्य गुरु घासीदास जी की शिक्षाओं से प्रेरित होकर किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 22 से 25 तारीख तक हथबंद क्षेत्र, विशेषकर हथबंद रेलवे स्टेशन के आसपास श्रद्धालुओं के लिए लगातार भंडारा एवं विश्राम की व्यवस्था संचालित की जा रही है। दूर-दराज से आने-जाने वाले भक्तों को भोजन, पेयजल एवं रुकने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


उल्लेखनीय है कि यह जिलास्तरीय भंडारा पिछले 14 वर्षों से निरंतर संचालित किया जा रहा है। यह आयोजन सतनामी समाज की सेवा, समर्पण एवं सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और युवा कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
सतनामी समाज का यह सराहनीय प्रयास न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा” के संदेश को भी समाज तक प्रभावी रूप से पहुंचा रहा है।

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