रेत माफियाओ का आतंक पेट्रोलियम पर निकले आरक्षक का निर्मम हत्या

क्राइम

संवाददाता पवन बघेल नेवरा

बलरामपुर (छत्तीसगढ़) – जिले के छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा क्षेत्र में रेत माफियाओं के बढ़ते आतंक ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। सनावल थाना क्षेत्र के लिब्रा गांव में पेट्रोलिंग पर निकली पुलिस टीम पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें एक आरक्षक की दर्दनाक हत्या कर दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड से सटे गांव लिब्रा में अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान रेत माफियाओं ने हमला कर दिया, जिसमें एक आरक्षक की मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कन्हर नदी के किनारे अवैध रेत खनन होता आ रहा है, जिसकी शिकायत कई बार प्रशासन को दी गई, लेकिन माफियाओं पर लगाम नहीं लगाई गई। अब जब पुलिस पर ही हमला हो गया, तो ग्रामीणों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

सनावल क्षेत्र छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का गृहग्राम है, लेकिन इसके बावजूद रेत माफियाओं की दबंगई लगातार बनी हुई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंत्री से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इधर, जिला पंचायत सदस्य ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई अधिकारी अवैध रेत कारोबार से उगाही कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो आज एक सिपाही की जान नहीं जाती।

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर, एसपी, और डीएफओ सहित आला अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। निरीक्षण के बाद एसपी ने बताया कि अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी और आरक्षक मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान यह दर्दनाक घटना हुई। मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है, और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और अब यह घटना पूरे प्रदेश में रेत माफिया और प्रशासनिक गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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